मिश्र धातु निगम लिमिटेड

एक सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम

भारत सरकार का एक उपक्रम, रक्षा मंत्रालय, भारत

CIN L14292TG1973GOl001660

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का संदेश

डॉ दिनेश कुमार लेखी
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

प्रिय भागीदारों,

नव वर्ष 2018 के शुभारंभ पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ!

वर्ष 2017, अभी-अभी खत्म हुआ है। यह वर्ष खट्टा-मीठा रहा । वित्तीय वर्ष 2016-17 में हमने साथ मिलकर लगभग 810 करोड़ रुपए का कारोबार किया था जो कि मिधानि के इतिहास में अबतक का सबसे अच्छा कारोबार रहा है। मिधानि की स्थापना से अबतक का सबसे अधिक मुनाफा हमने इसी वर्ष कमाया। लगातार पांच वर्षों से मिधानि समझौता ज्ञापन के मानकों के अनुसार “उत्कृष्ट” रेटिंग प्राप्त कर रही है। माननीय रक्षा मंत्री ने मिधानि के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के चरण # 1 के तहत शुरू की गई सुविधाएं देश को समर्पित कीं और वाइड प्लेट मिल की महापरियोजना का शिलान्यास रखा। मिधानि ने अपने महत्वाकांक्षी आधुनिकीकरण और विस्तार योजना के चरण # 2 को प्रारंभ किया। हमारी कंपनी ने आंध्र प्रदेश के नेल्लूर और हरियाणा के रोहतक में क्रमशः एक एल्यूमीनियम मिश्र धातु प्लांट और एक आर्मरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए जमीन अधिग्रहित की। इन स्थानों पर जमीन के अधिग्रहण से और ठोस योजनाओं के तहत मिधानि एक इकाईवाले संगठन से अब एक बहु-इकाईवाले संगठन के रूप में विकसित होने की ओर अग्रसर है। ये प्रयास दिखने में छोटे लग सकते हैं लेकिन काफी महत्वपूर्ण कदम हैं जो कि मिधानि के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में निश्चित रुप से सक्षम हैं। कार्यपालकों और गैर-यूनियनाइज्ड पर्यवेक्षकों के लिए तीसरे वेतन परिशोधन को सफलतापूर्वक लागू किया दिया गया। वर्ष 2017 में स्टॉक एक्सचेंज में मिधानि के शेयरों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया भी शुरु हुई।

परंतु, मौजूदा वित्तीय वर्ष में अबतक उत्पादन और लाभप्रदता प्रदर्शन लक्ष्य के अनुरूप नहीं रहा है। वर्ष 2017 में, संयंत्र में कुछ दुर्घटनाएं हुईं, लेकिन ईश्वर की असीम अनुकंपा से ये दुर्घटनाएँ दुखद घटनाओं में नहीं बदलीं। ये घटनाएं हमें आत्ममंथन करने के लिए मजबूर करती हैं। इसके अलावा इन घटनाओं से हमें यह सीख मिली है कि हमारी परंपरागत कार्यप्रणाली व उत्पादन अनुशासन में भी गंभीर आत्मविश्लेषण करने की आवश्यकता है। मिधानि ने हमेशा संरक्षा एवं सुरक्षा को तरजीह दी है।